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भोलाराम का जीव

Author Harishankar Parsai
Digital Publisher LeafyReads
Language Hindi
Genre Story, Fiction

Summary

भोलाराम का जीव एक व्यंग्यात्मक कहानी है, जो सरकारी व्यवस्था की भ्रष्टाचारपूर्ण और अमानवीय प्रकृति पर तीखा प्रहार करती है। कहानी में भोलाराम नामक एक ईमानदार, साधारण व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका “जीव” यमलोक पहुँचता है, लेकिन वहाँ भी उसकी आत्मा का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता। कारण यह है कि जीवनभर उसने कभी रिश्वत नहीं दी, इसलिए उसकी फ़ाइल सरकारी दफ़्तरों में आगे ही नहीं बढ़ी। यमलोक के अधिकारी उसे ढूँढने के लिए पृथ्वी पर भेजते हैं, जहाँ सरकारी दफ़्तरों की लालफीताशाही, घूसखोरी और संवेदनहीनता उजागर होती है। अंततः पता चलता है कि भोलाराम का जीव तब तक मुक्त नहीं हो सकता, जब तक उसकी पेंशन की फ़ाइल पास न हो जाए। यह कहानी हास्य के माध्यम से भ्रष्टाचार, नौकरशाही और आम आदमी की पीड़ा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

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