दोस्ती वाला प्यार
ये फेसबुक की दुनिया भी अजीब होती न, यहाँ कब क्या हो पता ही नही चलता.... ऐसा ही हुआ उस दिन उसके साथ
जानवी को एक लड़के की रिकवेस्ट आयी वैसे तो बहुत सारी रिकवेस्ट आती थी पर ध्यान नही होता था उसका उस लड़के की रिकवेस्ट आते ही जानवी ने तुरंत रेस्पॉन्स किया....
उधर से रिप्लाई 😂😂😂😂ये आया फिर ....
प्रिंस ....hii
जानवी...hello
ऐसे शुरू हुआ उनके मुहब्ब्त का शिलशिला वो दोस्त बने बहुत सी बातें होती रही हँसना बहुत हँसना और खूब सारी
जानवी के ग्रैजुएशन के फाइनल एग्जाम चल रहे थे तो पढ़ती थी वो सारी रात
उधर प्रिंस भी पड़ता था तो दोनों ही ऑनलाइन होते थे बीच बीच मे बाते हो जाया करती थी दोनो की , बातो का सिलसिला ऐसा चला कि दोनों अब एक दूसरेका इंतजार करते पढ़ने के बाद ... बहुत सी बातें होती कभी कॉलेज तो कभी दोस्तो के बारे में तो कभी प्यार के बारे में
जानवी को बहुत अच्छा लगता प्रिंस से बाते करके ,
फिर दोनों के एग्जाम हुए दोनों ही उतीर्ण हुए
प्रिंस m.tach कर रहा था, वो भी अपने कक्षा में अव्वल आया
दोनो का एक दूसरे से बात करना एक आदत सी बन गई थी
धीरे धीरे वक़्त बीतता गया जानवी भी रेलवे में कार्यरत हो गयी
वैसे तो उसकी सफलता का सारा श्रेय प्रिंस को ही जाता था
वो हर पल जानवी को प्रोत्साहित करता रहता था तुम्हे कुछ करना है
जानवी के मन भी आता रहा, वो सक्षम भी हुई
पर वक़्त के साथ प्रिंस के लिए इज्ज़त बढ़ती गयी जानवी के नजरो में
वक़्त का पहिया कब कैसे किस तरफ मुड़े पता नही चलता
जानवी की भाभी जो कि वही से थी जहाँ से प्रिंस था, उनको उनके मायके जाना था
जानवी भी इसी मौके की तलाश में थी, की भाभी के साथ वो भी वहाँ जाए और अपने उस दोस्त से मिले जो अब अपनो के बाद बहुत जरूरी हो गया था,
जानवी भाभी औऱ अपनो के साथ निकल पड़ी शायद अपने उन सपनों को जीने जो बस एक फेसबुक तक था,
जानवी: सुनो आ रही हूं मैं आपसे मिलने
प्रिंस: कब आ रही हो
जानवी: कल
प्रिंस: मिलोगी नही मुझसे
जानवी : तो आप बताओ मैं वहाँ क्यों आउंगी
प्रिंस: मुझे अभी शायद ही छुट्टी मिल पाए
जानवी : वकत निकलिये इतने दुर से हम आ सकते आप वही होकर हमसे नही मिलेंगे
प्रिंस: जानवी तुम्हे लगता है मैं नही मिलूंगा तुमसे तुम आओ मैं कोशिश करता हूं की आ सकूँ
जानवी: 😊
जानवी पहुचती है उनके शहर पर उसका ध्यान बस प्रिंस से मिलने पर ही था, पर कहते हैं न किस्मत वो हर वक़्त आप पर मेहरबान नही होती,
उनको hod से परमिशन नही मिली,
जानवी बहुत मायूस होकर अपने घर आने को रेडी हुई
उसका आना जैसे बेकार हो गया था
वो अपनो के साथ ट्रेन का इंतजार कर रही थी ,
पर अभी अभी आपसे कहा न कि हर वक़्त किस्मत मेहरबान नही रहती ठीक वैसे ही हर वक़्त खराब भी नही रहती
ट्रेन लेट थी 2 घंटे,
प्रिंस आया........
प्रिंस को देखकर जानवी बहुत खुश हुई, वो आया तो था जानवी से मिलने पर बात करते करते सबके दिल मे घर कर गया
भाभी जानवीकी बहुत इम्प्रेस हुई,
वो तो समझ भी चुकी थी कि प्रिन्स जानवी से मिलने आया है,
सबसे बात करने के बाद सबके सामने कैसे बात करता बेचारा प्रिंस जानबी से , जानवी तो बस उसकी बातें और उसको देखे जा रही थी, कितना खुशमिजाज है जैसा सोचा था उससे ज्यादा अच्छा है,
प्रिंस : hai
जानवी : hello
प्रिंस: क्या करते हो आप😂😂
जानवी :😂😂 जॉब with स्टडी😂😂
ऐसी ही बातों के बीच ट्रेन आ गयी जानवी की, जानवी का दिल जोरो से धड़कने लगा
दिल कह रहा था ये वक़्त थम क्यों नही जाता,
सभी ट्रेन की तरफ चलने लगे पीछे से प्रिन्स ने जानवी का हाँथ पकड़ लिया