Loading...

Search results

No results found
Home Library Community

Create Your Account

Already have an account? Sign in
Funny loading GIF
Google icon Continue with Google
By clicking "signup" you agree to our Terms of Service & Privacy Policy.

आकाशदीप

Author जयशंकर प्रसाद
Digital Publisher LeafyReads
Language Hindi
Genre Love, Fiction

Summary

कहानी की शुरुआत एक जलपोत (ship) पर बंदी बुद्धगुप्त और चंपा से होती है। दोनों एक समुद्री तूफान के दौरान अपनी बेड़ियाँ काटने में सफल होते हैं और पोत पर कब्जा कर लेते हैं। बुद्धगुप्त एक साहसी जलदस्यु (pirate) है, जबकि चंपा एक साधारण मल्लाह की बेटी है। मुक्त होने के बाद, दोनों एक निर्जन द्वीप पर पहुँचते हैं, जिसका नाम बुद्धगुप्त 'चंपा द्वीप' रखता है। धीरे-धीरे बुद्धगुप्त चंपा के प्रेम में पड़ जाता है और उसे अपनी रानी बनाना चाहता है। चंपा भी उससे प्रेम करती है, लेकिन उसके मन में एक गहरी टीस है—उसे विश्वास है कि उसके पिता की हत्या बुद्धगुप्त ने ही की थी। चंपा हर शाम एक ऊँचे स्तंभ पर दीपक जलाती है (आकाशदीप), जो समुद्र में भटकने वाले नाविकों को राह दिखाता है। यह दीपक उसके पिता की स्मृति और उसके अकेलेपन का प्रतीक है। बुद्धगुप्त चंपा को भारत लौटने का प्रस्ताव देता है, लेकिन चंपा अपनी व्यक्तिगत खुशी के ऊपर अपने आदर्शों को चुनती है। वह बुद्धगुप्त को क्षमा तो कर देती है, लेकिन उसके साथ नहीं जाती। बुद्धगुप्त अकेला लौट जाता है, और …

You might also like

View Library
Scan to Support
Support LeafyReads QR Code

A little support means everything. Thank you for standing with us ❤️✨

100% Secure Transaction